आधुनिक दुनिया में जीवन की अनिश्चितताओं ने प्रत्येक व्यक्ति के लिए पर्याप्त बीमा कवर प्राप्त करना अनिवार्य बना दिया है। यह निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के समान सामाजिक सुरक्षा लाभ का आनंद नहीं लेते हैं। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को जीवन बीमा का लाभ देने के लिए, सरकार ने 1976 में कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) शुरू की है।
कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना क्या है?
केंद्र सरकार ने कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना, 1976 मे बनाई जो की 01.09.1976 से लागू हुई। यह असम राज्य में चाय कारखानों को छोड़कर सभी कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जिन पर अधिनियम लागू होता है।
कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना या EDLI, EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) द्वारा निजी क्षेत्र के वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए प्रदान किया जाने वाला एक बीमा कवर है जो EPFO के सदस्य हैं। सेवा की अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति (कर्मचारी) की मृत्यु की स्थिति में पंजीकृत नामांकित व्यक्ति को एकमुश्त भुगतान मिलता है। EDLI योजना कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत पंजीकृत सभी संगठनों को कवर करती है। उन्हें इस योजना की सदस्यता लेनी होगी और अपने कर्मचारियों को जीवन बीमा लाभ प्रदान करना होगा। यह योजना EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) और EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) के साथ मिलकर काम करती है।
कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना की विशेषताएं
1. EDLI 15,000 रुपये प्रति माह से कम Basic Salary वाले सभी कर्मचारियो पर लागू होता है। यदि Basic Salary 15,000 रुपये प्रति माह से ऊपर जाता है, तो अधिकतम लाभ 6,00,000 रुपये तक सीमित है और 28.04.2021 से EPFO ने अधिकतम लाभ बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया है।
2. कर्मचारियों को EDLI में योगदान देने की कोई आवश्यकता नहीं है। इनका अंशदान सिर्फ EPF के लिए जरूरी है.
3. कोई भी संगठन जिसमें 20 से अधिक कर्मचारी हों, उसे EPF के लिए पंजीकरण कराना होगा। इसलिए, कोई भी कर्मचारी जिसके पास EPF खाता है तो वह स्वचालित (Automatically) रूप से EDLI योजना के लिए Eligible हो जाता है।
4. एक नियोक्ता किसी अन्य समूह बीमा योजना का विकल्प चुन सकता है, लेकिन दिए जाने वाले लाभ EDLI के तहत दिए जाने वाले लाभों के बराबर या उससे अधिक होने चाहिए।
5. EDLI के प्रावधानों के अनुसार, नियोक्ता (Employer) का योगदान (Contribution) Basic Salary Plus Dearness Allowances का 0.5% या अधिकतम 75 रुपये प्रति कर्मचारी प्रति माह होना चाहिए।
EDLI एकमुश्त (Lump-Sum) भुगतान की गणना:
बीमित (Insured) व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में पंजीकृत नामांकित (Nominee) व्यक्ति को एकमुश्त भुगतान प्राप्त होगा। यदि कोई नामांकित व्यक्ति या लाभार्थी पंजीकृत नहीं है, तो राशि का भुगतान कानूनी उत्तराधिकारी को किया जाएगा।
The Pay-Out Will Be Calculated as Under:
{Average Monthly Salary of the Employee for the last 12 months (capped at Rs.15,000/- p.m.) x 30 } + Bonus Amount (Rs.2,50,000/-)
Therefore, the maximum payout under EDLI is capped at Rs. 7,00,000/-.
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